Saturday, June 30, 2018

चन्द्र ग्रहण से शुरू होगा श्रावण माह , लोगो को रहना होगा सावधान हो सकती है कोई दुर्घटना


श्रावण माह की शुरुवात चन्द्र ग्रहण से होगा, सैकड़ो वर्षो के बाद पड़ रहा यह योग, भारत में होगा अधिक प्रभाव



अयोध्या : ग्रहण नक्षत्र से शुरू होगा श्रावण माह का प्रारंभ काफी प्रभावित होगा प्राकृतिक परिस्थिति, सभी लोगो को रहना होगा सावधान राशियों पर भी पड़ रहा बुरा प्रभाव , यह संभावनाए ज्योतिष व नक्षत्र की गणना बता रही है श्रावण कृष्ण पक्ष की शुरुवात 28 जुलाई दिन शनिवार से चन्द्र ग्रहण के मध्य से होगा, इस दिन और नक्षत्र के आपसी मेल के कारण श्रावण माह पर बुरा प्रभाव डाल रहा है वहीं ज्योतिष के मुतावित श्रावण का प्रथम पक्ष काफी विनाशकारी देखा जा रहा है.
चन्द्र ग्रहण के साथ श्रावण माह होगा प्रारंभ

श्रावण के प्रारंभ में ही ग्रहण होना अशुभ माना जाता है जिसके लिए अब लोगो को एक माह में सावधान होना पडेगा.अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण शर्मा ने ज्योतिष गणना के मुताबित बताया कि इस वर्ष श्रावण माह में परिस्थिति अनुकूल नहीं है , जिसके कारण प्राकृतिक वातावरण को काफी प्रभावित कर रहा है इस वर्ष श्रावण कृष्ण पक्ष का प्रारंभ चन्द्र ग्रहण मुहूर्त से हो रहा है, इस वर्ष 27 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा रात्रि 11.54 से प्रारंभ होगा और श्रावण कृष्ण पक्ष में 3.49 तक रहेगा तथा प्रथम पक्ष में तीन शनिवार तथा श्रावण अमवस्या भी शनिवार रात्रि से प्रारंभ होगा. यह योग सैकड़ो वर्षो के बाद पड़ रहा है
इस वर्ष इस माह में रहना होगा सावधान
पंडित प्रवीण शर्मा ने बताया कि इस वर्ष पड़ रहे श्रावण माह में लोग को सावधान रहना होगा जिससे किसी भी परिस्थिति होने पर कोई बुरा असर न पड़े तथा इस माह में प्राकृतिक रूप में कहीं अपार वर्षा तो कही सुखा पड़ने की भी स्थिति है तथा कई दुर्घटनाओ का भी योग ज्योतिष की गणना में देखी जा रही है इसके साथ मनुष्यों के राशियों पर ग्रहण का असर रहेगा, बताया कि यह ग्रहण भारत में अधिक प्रभाव होगा तथा पंडित प्रवीन शर्मा ने लोगो को किसी विशेष परिस्थिति के कारण ही यात्रा करने की सलाह भी दी

Thursday, June 21, 2018

लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस में धर्म के नाम पर कपल का अपमान!

लखनऊ पासपोर्ट ऑफिस में धर्म के नाम पर कपल का अपमान!


 
यूपी की राजधानी लखनऊ के रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में बुधवार को एक महिला ने पासपोर्ट अधीक्षक पर धर्म के नाम पर अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी ट्वीट किया है। दूसरी ओर, रीजनल पासपोर्ट अधिकारी पीयूष वर्मा ने आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में अंडरटेकिंग मांगने के दौरान अधीक्षक से कहासुनी होने की बात कही है। इस मामले में आरोपी पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र का ट्रांसफर कर दिया गया है। 

राजधानी निवासी तन्वी सेठ ने वर्ष 2007 में अनस सिद्दीकी से शादी की थी। उनकी छह साल की बच्ची भी है। तन्वी का दावा है कि बुधवार को वे तीनों पासपोर्ट सेवा केंद्र में पासपोर्ट बनवाने गए। शुरुआती दो काउंटरों (ए और बी ) पर उनके आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन जब वह तीसरे काउंटर पर पासपोर्ट अधीक्षक विकास मिश्र के पास गईं तो वह उनके धर्म को लेकर अपमानित करने लगे। तन्वी ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद कुछ अन्य कर्मचारी भी उनकी खिल्ली उड़ाने लगे। जब वह काउंटर सी-5 पर पहुंचीं तो हालात और बिगड़ गए। विकास मिश्र ने दस्तावेज देखने के बाद मुसलमान से शादी के बारे में सवाल-जवाब शुरू कर दिए। उनका यह बर्ताव तन्वी को नागवार गुजरा। इसी दौरान उनके पति अनस सिद्दीकी भी उनके पास पहुंच गए। आरोप है कि विकास ने अपमानित करते हुए दोनों को एक ही सरनेम करने की सलाह दे डाली। तन्वी और अनस ने इसका विरोध किया। नोएडा में बहुराष्ट्रीय कम्पनी में कंप्‍‍‍यूटर इंजिनियर अनस ने अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर ऐतराज जताया। बाद में एपीओ विजय द्विवेदी ने विभाग की ओर से माफी मांगते हुए उनसे लिखित शिकायत मांगी। अधीक्षक के बर्ताव से आहत तन्वी ने बताया कि उन्होंने पूरे प्रकरण को लेकर पीएमओ और विदेश मंत्री से गुहार लगाई है। अंडरटेकिंग देनी होती है, जांच होगी 
रीजनल पासपोर्ट अफसर पीयूष वर्मा का कहना है कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। हिंदू पत्नी व मुस्लिम पति के अब तक सैकड़ों पासपोर्ट बन चुके हैं। पासपोर्ट में पति-पत्नी के अलग धर्म के होने से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन पति व पत्नी का सरनेम अलग होने पर नियमानुसार आवेदक को एक सादे कागज पर लिखित घोषणा करनी होती है, जिसमें उनकी शादी व सरनेम का जिक्र जरूरी होता है। मैं गुरुवार को पूरे मामले की छानबीन करवाऊंगा। अगर कोई दोषी पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी

Wednesday, June 20, 2018

लखनऊ : चारबाग के एसएसजे और विराट होटल में लगी भीषण आग, छह जिंदा जले, तीन गंभीर

लखनऊ : चारबाग के एसएसजे और विराट होटल में लगी भीषण आग, छह जिंदा जले, तीन गंभीर
लखनऊ के चारबाग स्थित एसएसजे इंटरनेशनल होटल में मंगलवार तड़के अचानक आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में आग ने बगल में स्थित विराट होटल को भी अपनी जद में ले लिया। हादसे में छह लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। 50 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। रेस्क्यू टीम ने करीब छह घंटे बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एसएसजे इंटरनेशनल होटल है। बताते हैं कि होटल के बेसमेंट में स्थित किचन में सुबह नाश्ते की तैयारियां चल रही थीं। 5:30 बजे के करीब अचानक आग लग गई और किचन से सटे बार को भी चपेट में ले लिया। अल्कोहल के कारण आग तेजी से फैली। उस समय होटल में ठहरे ज्यादातर टूरिस्ट सो रहे थे। लपटें उठती देख होटल कर्मी और बाहर के लोगों ने शोर मचाना शुरू किया तो भगदड़ मच गई। पर्यटक और होटल कर्मचारी भागे लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित विराट होटल भी इसकी चपेट में आ गया। लपटें तेज होने के चलते कई लोग होटल से नहीं निकल पाए।

Tuesday, June 19, 2018

वर्ष 2020 तक आर्मी को मिलेगा एडवांस्ड मीडियम रेन्ज मिसाइल सिस्टम

General knowledge

वर्ष 2020 तक आर्मी को मिलेगा एडवांस्ड मीडियम रेन्ज मिसाइल सिस्टम

डीआरडीओ द्वारा 27 अगस्त, 2017 को भारतीय थल सेना के लिए अत्याधुनिक मीडियम रेन्ज सर्फेस-टू-एयर (एमआरएसएएम) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इजरायल एयरोस्पेस इण्डस्टी्ज (अाईएआई) के साथ 17 हजार करोड़ के सौदे पर हस्ताछर किए गए|
समझौते के अनुसार, 70किमी की रेन्ज में बैलिस्टिक मिसाइल, लडाकू विमान और अटैक हेलिकॉप्टर को गिराने मे सछम है|

Monday, June 18, 2018

केजरीवाल के धरने पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-आप इस तरह किसी के घर में घुसकर धरना नहीं दे सकते

केजरीवाल के धरने पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा-आप इस तरह किसी के घर में घुसकर धरना नहीं दे सकते
पिछले आठ दिनों से दिल्ली के उपराज्यपाल के वेटिंग रूम में चल रहे मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के धरने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि आप इस तरह से किसी के घर या दफ्तर में घुसकर धरना या हड़ताल नहीं कर सकते। गौरतलब है कि केजरीवाल के धरने पर बैठने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने एक याचिका दायर की थी जिसकी सुनवाई अदालत ने सोमवार को तय की थी। इसी की सुनवाई के दौरान आज कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के धरने पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि इसे आप धरना या हड़ताल नहीं कह सकते। आप किसी के दफ्तर या घर में घुसकर इस तरह धरना नहीं दे सकते।   High Court to Delhi Government Lawyer: This can’t be called a strike. You can’t go inside someone’s office or house and hold a strike there. — ANI (@ANI) June 18, 2018 इससे पहले जब सुनवाई शुरू हुई तो दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि, दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने कल ये बात स्वीकार की थी कि वो मंत्रियों द्वारा बुलाई जा रही बैठक में भाग नहीं ले रहे। इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने वकील से कहा कि, मुद्दा ये है कि आप धरने पर बैठे हैं। आपको किसने ये अधिकार दिया कि आप इस तरह के धरने पर बैठें? तब दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि यह व्यक्तिगत फैसला है। फिर अदालत ने फिर पूछा कि किसने इसे अधिकारिक मान्यता दी? किसने इसकी इजाजत दी? इसके बाद ही कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि आप इस तरह किसी के घर में घुसकर जबरन धरना नहीं दे सकते। Delhi Govt Lawyer: IAS officers yesterday accepted they are not attending meetings called by ministers Delhi High Court: Thing is that you’re sitting on a dharna. Who authorized them to sit on a dharna like this? Lawyer: It’s an individual decision. Delhi HC: Is it authorized? 

राम नगरी से 2019 के चुनाव का होगा शंखनाद, देशभर के संत होंगे मौजूद

राम नगरी से 2019 के चुनाव का होगा शंखनाद, देशभर के संत होंगे मौजूद

राम नगरी अयोध्या से देशभर के संतो का जमावड़ा हो रहा है।

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या से देशभर के संतो का जमावड़ा हो रहा है। ऐसे में बीजेपी इस मौके को छोड़ना नहीं चाहेगी और इस सम्मेलन में बीजेपी 2019 के चुनाव का शंखनाद करना माना जा रहा है। राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास का जन्मोत्सव में देश के संत इकट्ठा हो रहे है। इसी मौके पर ही भाजपा के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्य व केंद्रीयमंत्री व विधायक,सांसद भी शामिल होंगे।

अयोध्या में संतों के साथ राजनीतिक पार्टियां भी होंगी मौजूद
अयोध्या में नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव में 18 जून से 26 जून तक विभिन्न कथा,सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे तथा 25 , 26 जून को एक विराट संत सम्मेलन जिसमें पूरे देश सभी महामंडलेश्वर,रामानुजाचार्य,जगतगुरू तथा पीठाधीश्वर इस संत सम्मेलन में शामिल होंगे इसके साथ भारतीय जनता पार्टी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, डाक्टर दिनेश शर्मा, सहित प्रदेश कई राज्य मंत्री व केंद्रीय मंत्री व विहिप और संघ के लोग भी शामिल होंगे,

संत सम्मेलन का योगी आदित्यनाथ करेगा उद्घाटन
25 जून को योगी आदित्यनाथ संत सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे इस सम्मेलन में राम नगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या विकास और सरयू की पवित्रता पर संतों की खास पहल होगी तो वहीं मुख्य मंत्री सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों के लोग सम्पूर्ण देश की विकास के साथ वाह अयोध्या के विकास को लेकर अपनी विशेषताएं गिनाएंगे तो वहीं राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर के निर्माण होना आवश्यक है इसलिए संतों के आवाहन पर एक फिर 2019 का शंखनाद किया जाना माना जा रहा है।

देश में विकास का होगा मुख्य एजेंडा
राम नगरी के इस चुनावी बिगुल को लेकर अभी सभी संत सामने आने से मनाकर रहे लेकिन कहीं ना कहीं जरूर मान रहे कि देश में हिंदू राष्ट्र के लिए व देश में अखंडता व राम मंदिर बनाने के लिए बीजेपी को पुनः सत्ता में लाना होगा।

हिंदू राष्ट्र व धर्म के रक्षा के लिए संत होंगे आगे
मणिराम छावनी के उतराधिकारियों महंत कमल नयन दास ने बताया कि हिंदू समाज के लिए बहुत जरूरी है हमारा राष्ट्र तभी हम और हमारा धर्म और अस्मिता को बचाया जा सकता क्योंकि पाकिस्तान व बांग्ला देश में भी हिंदू थे ऐसे में वहां के हिन्दुओं के साथ क्या हुआ यह सभी जानते है इसलिए अब संत ही देश की रक्षा करेगा, तथा दिगम्बर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने बताया कि इस सम्मेलन में सभी प्रकार की चर्चा होगी और विशेष कर राम मंदिर निर्माण व अयोध्या के विकास पर कई प्रस्ताव रखे जाएंगे ।

Sunday, June 17, 2018

बढ़ते वजन से हैं परेशान तो छोड़ दें यह चीज खाना


क्या आपका वज़न तेज़ी से बढ़ रहा है? अगर ऐसा है, तो फिक्र न करें। आपका यह बढ़ता हुआ वज़न एकदम कंट्रोल में आ जाएगा, बस इसके लिए आपको अपनी मनपसंद चीज़ को बाय-बाय कहना होगा। यानी आपको नॉन वेज छोड़कर पूरी तरह से शाकाहारी बनना होगा। 

माना कि पूरी तरह से शाकाहारी बन जाना बेहद मुश्किल है, लेकिन इसी में आपके वेट लूज़ का राज़ छिपा है। पूरी तरह शाकाहारी बनने पर आपको हर तरह के ऐनिमल प्रॉडक्ट को छोड़ना पड़ेगा। साउथ कैरोलिना में किए गए एक छोटे से सर्वे में यह बात सामने आई है। वहां जिन लोगों ने शाकाहारी (vegan) प्लान फॉलो किया, उन्होंने मांसाहारी डाइट फॉलो करने वाले लोगों के मुकाबले दोगुना वज़न घटाया। अब ऐसा क्यों? चलिए आपको बताते हैं। दरअसल शाकाहारी डाइट वाले लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (body mass index) कम होता है, जिसकी वजह से वे फैटयुक्त भोजन कम खाते हैं और ज़्यादातर फाइबर ही कंज़्यूम करते हैं। इसी वजह से उन्हें अन्य लोगों (मांसाहारी डाइट फॉलो करने वाले) के मुकाबले ज़्यादा मैक्रो न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं। 
हालांकि प्रोटीन और कैल्शियम संबंधी शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए शाकाहारी डाइट वाले लोगों को थोड़ी एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। अगर आपको यह प्लान ज़्यादा मुश्किल लग रहा है, तो आप सिर्फ 3 हफ्ते के लिए यह चैलेंज ले सकते हैं। यानी सिर्फ 3 हफ्ते के लिए आप वीगन डाइट (शाकाहारी डाइट) फॉलो कर सकते हैं। 

भूटान के नए क्षेत्र पर चीन का दावा

                 चर्चा में क्यों ? एक बार फिर भूटान और चीन के बीच सीमा विवाद सुर्खियों में है। चीन ने भूटान के पूर्वी भारत पर ...